जुलाई के पहले सप्ताह में कानपुर के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे से मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. शासन ने उनके गांव की सड़क का नाम शहीदों के नाम करने का निर्णय लिया है. इसकी स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है. प्रयागराज के हंडिया निवासी उपनिरीक्षक नेबूलाल ने बिकरू में प्राणों का बलिदान दिया था. शासन ने एनएच भीटी से गुप्ता बस्ती होते हुए कान्तापुर संपर्क मार्ग का नाम शहीद नेबूलाल मार्ग करने की मंजूरी दी है. यह ग्रामीण मार्ग दो किलोमीटर का होगा. मुठभेड़ में प्रतागगढ़ के मानधाता के बेलखरी निवासी उपनिरीक्षक अनूप कुमार सिंह की गोलियां लगने से मौत हो गई थी. अब बेलखरी से टिकरी के करीब एक किलोमीटर मार्ग का नाम शहीद अनूप कुमार सिंह मार्ग होगा. वहीं बिल्हौर के शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र के नाम पर बांदा जिले के सहेमा संपर्क मार्ग होगा. दो किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग को अब शहीद देवेंद्र मिश्र मार्ग नाम से जाना जाएगा. बिकरू मुठभेड़ में शहादत देने वाले सिपाही सुल्तान सिंह झांसी के रहने वाले थे। उनके सम्मान में 0.545 किमी का भोजला संपर्क मार्ग का नामकरण शहीद सुल्तान सिंह के नाम पर होगा. मथुरा के सिपाही जितेंद्र पाल के नाम पर भी सड़क का नाम रखने की मंजूरी दी गई है. शासन ने मथुरा के एक किमी लंबाई वाले बरारी फीडर मार्ग का नामकरण शहीद जितेंद्र पाल मार्ग रखने की सहमति दी है.
सिपाही बबलू कुमार ने भी बिकरू में कर्तव्य निभाते हुए बलिदान दिया था. शासन ने फतेहाबाद-रिहावली मार्ग का नाम आगरा के मूल निवासी शहीद बबलू कुमार मार्ग करने की मंजूरी दी है. वहीं, एसओ महेश कुमार यादव के नाम पर उनके गांव रायबरेली के वनपुरवा में छह सौ मीटर वाले संपर्क मार्ग को पहचाना जाएगा. शासन ने पुलवांमा में शहीद प्रयागराज निवासी सेना के जवान महेश कुमार यादव के नाम पर भी सड़क का नाम रखने का निर्णय लिया है. टूडिहार से रामचन्द्र पुरा संपर्क मार्ग को शहीद महेश चंद्र यादव मार्ग के नाम से जाना जाएगा. शहीद के घर तक जाने वाले इस मार्ग की लंबाई 1.60 किमी है. इस अलावा अलग-अलग घटनाओं में शहीद हुए जवानों के नाम पर कानपुर देहात, कन्नौज, एटा, महाराजगंज, उन्नाव, आगरा, देवरिया, मथुरा, शामली, मैनपुरी में सड़क को मंजूरी दी गई है. इसको लेकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल का कहना है कि बिकरू कांड में शहीद उपनिरीक्षक के नाम पर उनके गांव की सड़क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सड़क का निर्माण पहले से ही है. वहीं पुलवामा में शहीद सैनिक के नाम पर सड़क अभी निर्माणाधीन है.

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