मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह साढ़े 9 बजे तक अफसरों और कर्मचारियों को दफ्तर में उपस्थित होने का आदेश दिया है, लेकिन काफी बार कहे जाने के बाद भी इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है. बुधवार सुबह मंडलायुक्त डॉक्टर राजशेखर ने केडीए का निरीक्षण किया तो उन्हें 50 फीसद अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले. नाराज मण्डलायुक्त ने वेतन काटने का आदेश दिया. मंडलायुक्त सुबह 10:25 बजे केडीए पहुंचे और 10:45 बजे तक निरीक्षण किया. वीसी केडीए राकेश सिंह, सचिव केडीए एसपी सिंह, चीफ इंजीनियर उपस्थिति मिले.
मंडलायुक्त ने वीसी को दिए आदेश
आयुक्त ने उन सभी को रजिस्टर पर अनुपस्थित मार्क किया और वीसी से कहा कि वे अनुपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन को रोकें और उन्हें कारण बताओ नोटिस दें और तीन दिनों में जवाब प्राप्त कर आवश्यक कारवाई करते हुए रिपोर्ट 15 तक भेजें. अधिकांश उपस्थिति रजिस्टर उस अनुभाग के प्रभारी अधिकारी द्वारा “सीन और सत्यापित” नहीं थे. इस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि यब स्थिति प्रभारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खराब पर्यवेक्षण को दर्शाता है.
कमिश्नर ने वीसी को इसे सुव्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रभारी अधिकारी प्रत्येक दशा में सुबह 10 बजे तक उपस्थिति रजिस्टर “जाँच और सत्यापित” करें. कई कर्मचारी सीएल या ईएल की मंजूरी के बिना अनुपस्थित पाए गए थे लेकिन रजिस्टर में सीएल / ईएल का उल्लेख उनके नाम के आगे नहीं किया गया था. कमिश्नर ने सचिव को निर्देश दिया कि इसकी जाँच करवाई जाए और अगले 3 दिनों में उन्हें सूचित किया जाए.आयुक्त ने जनता के साथ भी बातचीत की जो विभिन्न कार्यों के लिए केडीए आ रहे थे.
एक परिवार अपने मामले के निपटान के लिए केडीए आया था. उन्होंने आयुक्त को बताया कि उनका मामला पिछले 4 महीनों से लंबित है और वे कई बार केडीए का दौरा कर चुके हैं.आयुक्त ने मामले का विवरण लिया और वीसी से कहा कि इस मुद्दे को आज ही हल किया जाए और आज शाम तक आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी जाए.आयुक्त ने जनता की सहायता के लिए और समय में उनकी शिकायतों के समाधान के लिए आयुक्त सेक्शन में उपयुक्त स्थानों पर सम्बन्धित ऑफ़िसर और नोडल अफसर का नाम, पद और पर्यवेक्षक अधिकारियों के मोबाइल नंबर, प्रभारी अधिकारी का विवरण आदि ताकि लोग को जानकारी हों और समय पर अपने मुद्दे को हल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच सके.
आयुक्त ने वीसी को अगले 10 दिनों में भवन के अंदर प्रवेश बिंदु पर एक बड़े बोर्ड को प्रदर्शित करने के लिए कहा, जिसमें सभी पर्यवेक्षी, प्रभारी और नोडल अधिकारियों के अनुभाग / विभाग का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर अधिकारी कक्ष संख्या आदि का उल्लेख किया गया ताकि लोग पहुंच सकें समय में उनकी समस्याओं को हल सम्बंधित अधिकारियों द्वारा समय पर किया जा सके.
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