कोरोना मरीजों के इलाज में निजी कोविड फैसिलिटी वाले हॉस्पीटल लगातार लापरवाही बरत रहे हैं. डीएम के सख्त तेवरों के बाद भी इनमें सुधार नहीं दिख रहा है. एक दिन पहले कोविड फैसिलिटी वाले निजी हॉस्पीटल ज्यूस में तीन कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी. इसके बाद रविवार को एक बार फिर डीएम यहां पहुंचे. अस्पताल की लापरवाही मिलने पर डीएम ने ज्यूस हॉस्पीटल की कोविड फैसिलिटी रद्द करने के निर्देश देने के साथ ही सख्त तेवरों में कहा कि जब तक यहां भर्ती मरीज दूसरी जगह शिफ्ट नहीं होते, तब तक इनका यही पर इलाज होगा. अगर मरीज को कुछ होता है तो हॉस्पीटल प्रशासन की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होगी.

बता दें कि इन दिनों डीएम आलोक तिवारी लगातार निजी कोविड फैसिलिटी वाले हॉस्पीट्ल्स का जायजा ले रहे हैं. कोविड मरीजों का इलाज बेहतर ढंग से हो और ओवरबिलिंग न हो, इसके लिए हर अस्पताल में एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट को भी लगाया गया है. इसके बावजूद लापरवाही का सिलसिला कम नहीं हो रहा है. एक दिन पहले शनिवार को निजी हॉस्पीटल ज्यूस में तीन कोविड मरीजों की मौत हो गई थी. इसके बाद रविवार को अचानक डीएम यहां की व्यवस्थाओं को फिर से देखने पहुंच गए. इस दौरान यहां पर एक भी एनेस्थेटिक विशेषज्ञ नहीं मिला. इसे अस्पताल की लापरवाही मानते हुए डीएम ने तुरंत इसकी कोविड फैसिलिटी रद्द करने के निर्देश दिए. डीएम ने कहा कि जब तक यहां भर्ती मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक उनका यहीं पर इलाज होगा. इस दौरान अगर भर्ती मरीजों को कुछ होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी.
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– बिना कोविड फैसिलिटी के कोविड मरीजों के इलाज पर पैरामाउंट हॉस्पीटल पर एफआइआर
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